भील जाति के रीति रिवाज एवं शब्दावली


1.भीलों का गोत्र - "अटक " है |
 2.भीलों के एक घर को  "टापरा " कहते हैं  |
 3.घर के बरामदे को  "ढालिया "कहते हैं|
4. घरों " कू " कहते हैं  |
5.बहुत सारे झोपड़ो से बने छोटे गांव या मोहल्ले को फल्ला या खेड़ा कहते हैं |
6. फला /खेड़ा से बड़े गांव को  "पाल "कहते है |
7. पाल का मुख्य पालवी होता है  ,गांव का मुख्य गमेती कहलाता है ,तो एक ही वंशज के भील गांव का मुखिया तदवी / वसाओ कहलाता है  |
                
        ध्यान रहे :- बांसवाड़ा जिले में भील जनजाति के गांव का मुखिया रावत कहलाता है ,तो भीलो के गांव का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति -डाहल कहलाता है